अब उड़ेंगे बिना पायलट के हवाई जहाज

आज के समय में टेक्नोलॉजी दुनिया भर में कई अजूबे करके दिखा रही है। रोजाना आ रही नई तकनीक से ना सिर्फ इंसान की जिंदगी आसान हो रही है बल्कि इससे बहुत सी नई संभावनाएं और रस्ते भी खुल रहे हैं। कई युग पहले जब मनुष्य घोड़े और हाथी का उपयोग ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए करता था। उस समय अगर उसे भविष्य में गाड़ी बनेगी ऐसा बताया होता तो अवश्य ही वह यकीन नहीं करता। आज हम भी आपको ऐसी ही एक चीज बताने जा रहे हैं जिस पर शायद आप अभी यकीन ना करें। जी हाँ बता दें की जल्दी ही अब बिना पायलट के भी हवाई जहाज उड़ाए जा सकेंगे।

वैसे अगर बात हो बिना ड्राईवर के चल रही गाड़ी की तो इंसान शायद विश्वास कर लेगा क्योंकि यह टेक्नोलॉजी पिछले दिनों आ चुकी है। लेकिन अगर बात हो बिना पायलट के हवाई जहाज उड़ने की तो निश्चित ही यह हैरान कर देने वाली बात है परंतु इस करिश्मे को सच कर दिखाने का दावा किया है विमान बनाने वाली दुनिया की दिग्गज कंपनी “एयरबस” ने।

 

 

जी हाँ, एयरबस के टेक्नोलॉजी के वरिष्ट अधिकारी ने यह घोषणा की है की वो जल्दी ही बिना पायलट वाले hawai jahaj बनाएगें। एयरबस चीन की शेन्ज़ेन शहर में अपना एक नया नवोन्मेष केंद्र स्थापित कर रही है जहाँ इस टेक्नोलॉजी को बनाया जाएगा। एयरबस पहले भी अपने कई अविष्कारों से लोगों को अचंभित कर चुकी है। बता दें की airbus विमान में ऐसी टेक्नोलॉजी लगाने जा रही है जिससे पायलट रहित हवाई जहाज को सैकड़ों मील दूर नियंत्रण कक्ष में बैठे रिमोट से ही नियंत्रित कर सकेंगे। इससे विमान में ना सिर्फ पायलट और को-पायलट को दी जाने वाली मोटी तन्खा का खर्च बचेगा बल्कि मानवीय त्रुटियों के कारण होने वाले हादसे भी रोके जा सकेंगे।

 

 

पायलट रहित उड़ान से hawai jahaj बिना लैंड किए लम्बी दूरी का रास्ता एक बार में ही तय कर सकेंगे इससे यात्रियों का भी काफी समय बचेगा साथ ही विमान के टिकिट की रियाती दरों में भी छूट दी जा सकेगी। शुरुआत में लोगों को इस प्रकार के विमान के प्रति भरोसा दिलाना थोड़ा मुश्किल होगा। एक कंपनी द्वारा किये गए सर्वे में शामिल ज्यादातर लोगों ने कहा कि टिकट सस्ता होने के बावजूद भी वे बिना पायलट वाली फ्लाइट में सवार नहीं होंगे। जबकि 17 फीसदी लोगों ने कहा कि वह ऐसी फ्लाइट ले सकते हैं।

हालांकि चीन के आंकड़े कुछ और ही कहते हैं। एयरबस के अधिकारी ने जानकारी देते हुहे कहा कि चीन में सेल्फ ड्राइविंग कार को ले कर खासा रूचि ले रहे हैं और इस तकनीक में तेज़ी से विकास हो रहा है तो इससे ये साबित होता है की चीन में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस तकनीक को लेकर ज्यादा प्यार है। ये माना जा रहा है की चीन में hawai jahaj से यात्रा करने की बढ़ती मांग को देखकर आने वाले सालों में 4000 से 5000 पायलट की आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन अनुभव की कमी और इतने पायलट ना होने की वजह से इस मांग की पूर्ती नहीं की जा सकेगी इसलिए एयरबस इस टेक्नोलॉजी को विकसित कर के इस समस्या का निदान करेगी।

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